☀️प्रतिदिन प्रात:काल उगते हुए सूर्य को तांबे के लौटे से कुमकुम/लाल चंदन मिश्रित जल से अर्ध्य प्रदान करने से सूर्य तो मजबूत होता ही है साथ ही जातक के निम्न गुणों का विकास होता है:-
💎कर्म,ज्ञान,वाणी,बुद्धि,धन,माता-पिता की आयु,संतान सुख,पुत्र सुख,नोकरी में प्रमोशन,व्यवसाय में उन्नति,चरित्र में निखार,व्यक्तित्व में निखार, इत्यादि गुणों में विकास होने लग जाता है।
💎प्रतिदिन सूर्य को अर्ध्य देने से पितरों को जल मिलता है और पितृदोष शांत होता है।
💎सूर्य को अर्ध्य प्रदान करने से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को अद्वितीय चमत्कार होता है,,,इससे बच्चों का मानसिक स्तर सुदृढ़ होता है,आँखों से संबंधित परेशानी दूर होती है याद रखने की क्षमता का तीव्र विकास होता है,विद्यार्थियों के ब्रेन का विकास होता है।बुद्धि का स्तर विकसित होता है।
💎विवाहित स्त्री दाम्पत्य जीवन में सुख की वृद्धि होती है,पति पत्नी के मध्य का विरोध खत्म होता है,राहु/केतु/शनि से उत्पन्न दाम्पत्य विकार खत्म होते हैं।
💎प्रतिदिन सूर्य को अर्ध्य प्रदान करने से ह्रदय रोग,मस्तिष्क रोग,चर्म रोग नष्ट होते हैं और भी अनेकों शारीरिक व्याधियां खत्म हो जाती हैं।
💎अविवाहित युवक युवतियों को जीवन के हर क्षेत्र में लाभ मिलता है।शिक्षा के क्षेत्र में,रोजगार के क्षेत्र में,व्यवसाय के क्षेत्र में,निजी जिंदगी में,प्रमोशन उन्नति के क्षेत्र में।
👉प्रतिदिन उगते हुए सूर्य को अर्ध्य प्रदान करते समय निम्न मन्त्रों का उच्चारण करें,,,,,
Note::-जिन जातकों की कुंडली में सूर्य देव नीचस्थ या कमजोर स्थिति में है उन्हें प्रतिदिन अथवा प्रत्येक रविवार #महर्षि अगस्त ऋषि द्वारा रचित “आदित्य ह्रदय स्तोत्र”#के पाठ करने चाहिए।
- ॐ मित्राय नमः, 2. ॐ रवये नमः, 3. ॐ सूर्याय नमः, 4.ॐ भानवे नमः, 5.ॐ खगाय नमः, 6. ॐ पूष्णे नमः,7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः, 8. ॐ मरीचये नमः, 9. ॐ आदित्याय नमः, 10.ॐ सवित्रे नमः, 11. ॐ अर्काय नमः, 12. ॐ भास्कराय नमः, 13. ॐ सवितृ सूर्यनारायणाय नमः।