संयुक्त ग्रहों के उपाय :-

  • यदि किसी जातक की
    जन्मकुंडली में शुक्र और सूर्य की युति
    किसी भी भाव में हो तो जातक को दुर्गा
    पूजन लाभदायक होगा ।
  • सूर्य.शनि की युति कुण्डली के
    किसी भी भाव में होने पर जातक
    बादाम,नारियल बहते पानी में बहाए।
  • सूर्य.राहू की युति होने पर जातक जौ को दूध या गौ
    मूत्र से धोकर बहते पानी में बहायें।
  • यदि जातक की कुण्डली में बुध अशुभ या
    नीच राशि का हो तब जातक मंगल एवं राहू के उपाय
    करके बुध के दुश्प्रभाव को दूर करें।
  • सूर्य.केतु की युति होने पर सूर्य ग्रहण के समय
    तिल,नींबू,पका केला बहते पानी जैसे
    नदी में बहायें।
  • गौ मूत्र घर में छिड़कने से केतु.शुक्र एवं बुध का अशुभ प्रभाव
    कम हो जाता है ।
  • जातक की जन्म कुण्डली में चंद्र.शुक्र
    की युति हो तो चांदी की ठोस
    गोली हमेसा अपने जेब में रखें ।
  • चंद्र.शनि की युति होने पर शनि एवं केतु के उपाय
    लाभकारी होते है। चंद्रग्रहण के समय भानि
    की वस्तुएं बहते पानी में बहाने से लाभ
    होता है।
  • शनि.चंद्र के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए सूर्य का उपाय
    करें ।
  • कुण्डली में मंगल.राहू की युति होने पर
    मिट्टी के बर्तन में जौ भरकर बहते पानी
    जैसे नदी में बहाये तथा मंगल का उपाय करें ।
  • बुध.शनि की युति में जातक को भाराब मांस का सेवन
    नहीं करना चाहिए।
  • बुध.राहू की युति हो तो जातक को
    कच्ची मिट्टी की सौ गोलियां
    बनाकर एक गोली प्रतिदिन धर्म स्थल में
    पहुंचानी चाहिएं।
  • गुरू.बुध की युति में खांड से भरा मिट्टी का
    बर्तन भूमि में दबाना चाहिए।
  • चंद्र.राहु की युति हो, तब चंद्रग्रहण पर जौं,
    कोयला, सरसों आदि राहु की वस्तुएं बहते
    पानी में बहायें और मंगल,गुरू का उपाय करें।
  • चंद्र.केतु की युति होने पर जातक बुध एवं केतु
    की वस्तुओं का दान करें । तीन केले
    प्रतिदिन ४८ दिन तक मंदिर में दान करें।
  • मंगल.बुध की अशुभ युति में जातक मंगल का उपाय
    करें ।
  • मंगल. शनि की युति होने पर मंगल या भानि का उपाय
    करें साथ ही चंद्र का उपाय करें।
  • शुक्र.राहु की युति होने पर दूध एवं हरे नारियल का
    दान करें ।
  • यदि कुण्डली में सूर्य.चंद्र.राहु की युति
    हो तो जातक दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।
    -इसी तरह सूर्य.चंद्र.केतु की युति होने
    पर भी दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।
  • कुण्डली में सूर्य.बुध.शुक्र की युति
    होने पर जातक कान में स्वर्ण धारण करें तथा काला,सफेद कुत्ता
    पाले । शुध्द चांदी का छल्ला भी धारण कर
    सकते है।
  • गुरू. शनि की युति में, शराब,मांस,मदिरा का उपयोग न
    करे। शिव उपासना करें। चंद्र का उपाय करें ।
  • गुरू.राहु की युति में अशुभता से बचने के लिए सोना
    धारण करें। चितकबरें कुत्ते की सेवा करें। जौं को दूध से
    धोकर लगातार ४३ दिन तक बहते पानी में बहायें।
    -शुक्र. शनि की युति हो तो तांबे का पैसा बहते
    पानी में बहायें और दाम भाव में जो भी
    ग्रह बैठा हो उसका उपाय करें।
  • सूर्य.बुध.राहु की युति हो तो जातक चंद्रमा का उपाय
    करें।
  • यदि सूर्य.बुध की युति हो तो गायत्री पाठ
    करें । हरे तोते पाले ।
  • चंद्र.मंगल और भानि की युति में मंगल का उपाय करें।
  • चंद्र.मंगल.राहु की युति हो तो दूध में
    मीठा हलुआ बनाकर स्वयं खाये तथा दुसरों को खिलाएं।
  • गुरू.शनि.राहु की युति हो तो भानि की
    वस्तुएं भूमि में दबायें।
  • यदि शनि.राहु.शुक्र की युति हो तो जातक
    रोटी के तीन टुकड़े करके एक गाय को एक
    कुत्ता और एक कौएं को खिलाएं।
  • गुरू.शनि.बुध की युति हो तो बुध की
    वस्तुएं जैसे हरा मूंग कुएं में गिराये तथा बुध को उच्च करें।
  • गुरू.मंगल.बुध की युति हो तो जातक सोना धारण करे।
  • शुक्र.शनि.बुध की युति हो,तो काली गाय
    या काला कुत्ते को रोटी दें।ह, तिल, सरसों का तेल, गाय
    आदि का दान करेंप्रत्येक जातक की कुंडली
    में अशुभ ग्रहों की स्थिति अलग-अलग
    रहती है, परंतु कुछ कर्मों के आधार पर
    भी ग्रह आपको अशुभ फल देते हैं।तथा मंगल का
    उपाय करें ।
  • बुध.शनि की युति में जातक को भाराब मांस का सेवन
    नहीं करना चाहिए।
  • बुध.राहू की युति हो तो जातक को
    कच्ची मिट्टी की सौ गोलियां
    बनाकर एक गोली प्रतिदिन धर्म स्थल में
    पहुंचानी चाहिएं।
  • गुरू.बुध की युति में खांड से भरा मिट्टी का
    बर्तन भूमि में दबाना चाहिए।
  • चंद्र.राहु की युति हो, तब चंद्रग्रहण पर जौं,
    कोयला, सरसों आदि राहु की वस्तुएं बहते
    पानी में बहायें और मंगल,गुरू का उपाय करें।
  • चंद्र.केतु की युति होने पर जातक बुध एवं केतु
    की वस्तुओं का दान करें । तीन केले
    प्रतिदिन ४८ दिन तक मंदिर में दान करें।
  • मंगल.बुध की अशुभ युति में जातक मंगल का उपाय
    करें ।
  • मंगल. शनि की युति होने पर मंगल या भानि का उपाय
    करें साथ ही चंद्र का उपाय करें।
  • शुक्र.राहु की युति होने पर दूध एवं हरे नारियल का
    दान करें ।
  • यदि कुण्डली में सूर्य.चंद्र.राहु की युति
    हो तो जातक दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।
    -इसी तरह सूर्य.चंद्र.केतु की युति होने
    पर भी दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।
  • कुण्डली में सूर्य.बुध.शुक्र की युति
    होने पर जातक कान में स्वर्ण धारण करें तथा काला,सफेद कुत्ता
    पाले । शुध्द चांदी का छल्ला भी धारण कर
    सकते है।
  • गुरू. शनि की युति में, शराब,मांस,मदिरा का उपयोग न
    करे। शिव उपासना करें। चंद्र का उपाय करें ।
  • गुरू.राहु की युति में अशुभता से बचने के लिए सोना
    धारण करें। चितकबरें कुत्ते की सेवा करें। जौं को दूध से
    धोकर लगातार ४३ दिन तक बहते पानी में बहायें।
    -शुक्र. शनि की युति हो तो तांबे का पैसा बहते
    पानी में बहायें और दाम भाव में जो भी
    ग्रह बैठा हो उसका उपाय करें।
  • सूर्य.बुध.राहु की युति हो तो जातक चंद्रमा का उपाय
    करें।
  • यदि सूर्य.बुध की युति हो तो गायत्री पाठ
    करें । हरे तोते पाले ।
  • चंद्र.मंगल और भानि की युति में मंगल का उपाय करें।
  • चंद्र.मंगल.राहु की युति हो तो दूध में
    मीठा हलुआ बनाकर स्वयं खाये तथा दुसरों को खिलाएं।
  • गुरू.शनि.राहु की युति हो तो भानि की
    वस्तुएं भूमि में दबायें।
  • यदि शनि.राहु.शुक्र की युति हो तो जातक
    रोटी के तीन टुकड़े करके एक गाय को एक
    कुत्ता और एक कौएं को खिलाएं।
  • गुरू.शनि.बुध की युति हो तो बुध की
    वस्तुएं जैसे हरा मूंग कुएं में गिराये तथा बुध को उच्च करें।
  • गुरू.मंगल.बुध की युति हो तो जातक सोना धारण करे।
  • शुक्र.शनि.बुध की युति हो,तो काली गाय
    या काला कुत्ते को रोटी दें।ह, तिल, सरसों का तेल, गाय
    आदि का दान करेंप्रत्येक जातक की कुंडली
    में अशुभ ग्रहों की स्थिति अलग-अलग
    रहती है, परंतु कुछ कर्मों के आधार पर
    भी ग्रह आपको अशुभ फल देते हैं।
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