शुभ शुरुआत करते है शीखने की। नक्षत्रों से कुंडली कि एनालिसिस कैसे की जाती है? नक्षत्र के बारे में हर जगह आर्टिकल avilable है। पर नक्षत्र के आधार पर ही, किसी भी कुण्डली की अनालिसिस कैसे की जाए? क्यूंकि नौ ग्रहों के नौ नक्षत्र होते है। और लग्न नक्षत्र (पूरी 27 नक्षत्रों की सीरीज यहां पर ये ग्रुप में, मेरे द्वारा पोस्ट किया हुआ है। किसी को भी पढ़ने के लिए लिंक चाहिए तो भेज दूंगा।) मुख्य तः जिंदगी कि घटनाएं दर्शाता है। तो लोगो के लिए मुश्किल होती है। analysis का तरीका नहीं पता कि कैसे calculation करे। मैं बता चुका हूं कि लग्न नक्षत्र की फॉर्मूला के अनुसार ही बाकी के सारे के सारे ग्रहों + नक्षत्रों उसी दिशा में धक्का लगाते है। आइए समजते है।
चन्द्र = मन है
सुर्य = आत्मा
मंगल = एनर्जी
बुध = कम्युनिकेशन + एनालिसिस
गुरु = ज्ञान + विजडम
शुक्र = रिलेशनशिप किसी भी प्रकार की
शनि = वास्तविक कर्म
राहु = hidden इच्छाएं
केतु = detachment की चीजों + जगह + फॉर्मूला
🌒……. व्यक्ति का मन, जो भी चन्द्र का नक्षत्र होगा उसके आधार पे मन को समझना है। उस नक्षत्र का स्वामी कहां पर बैठा है + जो भी पदा/चरण में होगा, उसका “नवमांश ग्रह” से,…… मन का concentration पूरी जिंदगी कहा पर होगा, वोह पता चलेगा। हरेक की कुंडली में चंद्र का “नक्षत्र स्वामी” अलग अलग जगह पर नॉर्मली होता है। और “चरण को चलाने वाला ग्रह” भी सबका अलग अलग जगह पर हरेक कुंडली में ऊपरवाले कि तरफ से दिया होता है। तो उस आधार पर एनालिसिस करना है। एक ही राशि के सभी लोगो की जिंदगी एक जैसी नहीं जाती। एक ही राशि में भी एक ही नक्षत्र के सभी लोगो की जिंदगी भी, एक जैसी नहीं जाती। और एक ही राशि + नक्षत्र + चरण होने पर भी, जिंदगी एक जैसी नहीं जाती। गजब हो गया। क्यूंकि हमने ☝️ जैसे देखा की नक्षत्र + चरण को चलाने वाले ग्रह, व्यक्तिगत कुंडली में कहां पर मौजूद है, उस आधार पर calculation करना होता है। ये कभी भी सबकी कुंडली में एक जैसा कतई नहीं होने की वजह से एक ही राशि, एक ही नक्षत्र, एक ही पदा होने के बावजूद फल अलग अलग मिलते है। 🌹🌹सुपर्ब एनालिटिकल फॉर्मूला ऋषियों द्वारा।
समजलिजिए की आपका चन्द्र सिंह राशि में है। उसमे भी पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है। उसमे भी पहेली चरण में है। अब पूर्वा फाल्गुनी, शुक्र का नक्षत्र, पहेली चरण सूर्य से चलती है। तो आपकी कुंडली में शुक्र कहां पर है? और चरण का स्वामी ग्रह सूर्य कहां पर है? वोह आधार पे हरेक कुंडली में परिणाम मिलेगा। और चन्द्र से नक्षत्र स्वामी शुक्र कितनी दूरी पर है वोह calculation से गणित होगी। ऐसा ही पूरे के पूरे नौ ग्रहों से होता है।
इसीलिए किसी भी हालत में एक जैसा फल किसी भी ग्रह + नक्षत्रों + चरण का कांबिनेशन same house में होने के बावजूद सबको एक जैसा फल किसिभी हालत में नहीं मिलता, नहीं मिलता, नहीं मिलता।
👉 बाकी के सभी ग्रहों को भी उसी तरह समाजना है।