पहले अपने स्वभाव बदले तो कुंडली का भाव बदल जाएगा

कुंडली का चार्ट भी कितनी शिद्दत और सोच समझ के बनाया हमारे ऋषि मुनियों ने..किसी भी घर की परेशानी का हल ठीक उसके सामने रखा है पर मुसीबत में हमे दिख नही पाता जैसे कि-:
प्रथम भाव-:सुबह जल्दी उठो,चरित्र,स्वास्थ्य,सोच सही रखें तो(7th) की परेशानियों में काफी हद तक निजात मिलेगी।

द्वित्य भाव-:भाषा को सही रखो,सही खान पान रखो,बुरे समय को सोच कर कुछ धन जोड़ के रखो(8th)मृत्यु तुल्य कष्ट से बचे रहेंगे।

तृतीय भाव-:संघर्ष पूरी शिद्दत से करो,भाई दोस्तो के साथ धोखा मत करो साथ लेकर चलो (9th)भाग्य जरूर बदलेगा।

चतुर्थ भाव-:माँ दुनिया मे सबसे पहला गुरु होती है,माँ का सम्मान आशीर्वाद साथ रखो(10th)कारोबार नोकरी की परेशानियो के हल का रास्ता मिलेगा,,

पंचम भाव-:ज्ञान ओर (skill) को बढ़ाए (11th)आय भाव खुद बढ़ेगा।

षष्ठ भाव-:रोग ऋण शत्रु को समय रहते बड़ा होने से पहले मार दो (12th)कोर्ट कचहरी अस्पताल से बहुत हद तक निजात मिलेगी।

सप्तम भाव-:पति-पत्नी के बीच प्रेम और समर्पण,ईमानदारी हो तो (1st) आपका दिमाग,चरित्र,और स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

अष्टम भाव-:शिव और मृत्यु ही सच है इस बात को याद रखे,गहनता से बुद्धि का उपयोग करें गलत तरीके से पैसा न कमाए न गलत जगह खर्च करें इंसान तो (2nd)धन कभी कम नही होगा बरकत बनी रहेगी।

नवम भाव-:धर्म के साथ चलना,ईश्वर का नित्य स्मरण करना इंसानियत के लिए जीना। किसी धर्म स्थान की साफ सफाई या बनने में सहयोग दें तो (3rd)पराक्रम सही दिशा में काम करेगा।

दशम भाव-:पिता के अनुभव को साथ लेकर चले पिता का सम्मान करें और व्यपार,नोकरी में ईमानदारी रखे तो (4th)सुख हर चीज़ का बहुत हद तक मिलेगा

एकादश भाव-:अपनी कमाई में से दसवंद निकाले,बदलते समय के अनुसार खुद के ज्ञान,(skill)को बढ़ाने पे भी थोड़ा खर्च करें तो (5th) सन्तान ओर ज्ञान के सुख में वृद्धि जरूर होगी।
द्वादश भाव-:सुबह जल्दी उठ कर यदि ध्यान,साधना,योग में थोड़ा समय लगाए तो(6th) रोग ऋण शत्रु,से बहुत हद तक निजात मिलेगी।

ब्रह्मांड में ऐसा कोई धागा,ताबीज,मन्त्र,यज्ञ,हवन,पंडित,मौलवी यंहा तक कि ईश्वर भी नही हुआ जो आपकी जिंदगी या ग्रहों को बदल दे तब तक,,जब तक आप खुद अपनी मदद न कर सको,,सबसे पहले खुद की रोजमर्रा,आदतों को बदलना होता है उसके बाद जीवन बदलना शुरू होता है उसके बाद ही पूजा पाठ यज्ञ,हवन,उपाय शिद्दत से आपके लिए काम करते हैं। हो सकता है किसी तपस्वी के आशीर्वाद से आपको उस समय दुख से निजात मिल जाये वो वो निजात लम्बे समय के लिए नही होती।
बहुत से लोग उदाहरण देते है कि टाटा बिरला relience के मुकेश अम्बानी को वो ही ग्रह तंग नही करते तो हम पर ही सूत्र लागू क्यों,,तो जनाब उनकी तरक्की ओर शोहरत तो देखी है एक बार उनकी जीने की दिनचर्या पर भी नज़र डालें,,जवाब खुद मिल जाएंगे अपनी कमियों ओर उनकी मेहनत ओर उसूलों से भरी जिंदगी को देख कर उनकी तरक्की ओर सुख के कारण।🙏🙏
खुद को बदलो खुद की मदद पहले खुद करो उसके बाद ब्रह्मांड की पूरी ऊर्जा आपके लिए काम करेगी आपके खिलाफ नही।।🙏,,कभी नोट कर लेना जब भी हमे किसी भाव से सम्बंधित परेशानी आती है 100%उसके सामने वाला घर को सही से हम निभा नही पा रहे होते,,
तभी कहा गया है ज्योतिष में भी की ग्रह जंहा बैठता है उससे अधिक असर वो वँहा डालता है जंहा उसकी दृष्टि होती है।। सही लगे तो Apriciate कर देना वरना घूमते रहो अपनी जन्म कुंडली लेकर दुनिया भर में ,क्या पता मिल जाये कोई ऐसा ज्योतिष या विद्वान जो बदल दे आपके ग्रह
माफ करना अगर कुछ गलत कहा गया हो🙏🙏स्ट्रेट फॉरवर्ड सच बोलने की आदत है बिन परवाह के😇

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