नौग्रहकी_जानकारी


हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह हैं : सूर्य, चंद्र, मंगल, बंध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु तथा केतु। इनमें राहु तथा केतु छाया ग्रह हैं। ग्रहों के पथ को राशि चक्र कहते हैं।

यहाँ इन ग्रहों के विविध कारकत्वों का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत हैं:

🌳१. सूर्य – पिता, आत्मा, औषधि, राजनीति, राजकृपा, सत्ता में स्थान, ख्याति, प्रतिष्ठा, शौर्य, स्वास्थ्य, दायीं आँख पूर्व दिशा आदि का कारक है।

🌳२. चंद्र- माता, अनुभूति, स्त्रियों तथा उनसे मिलने वाले लाभ, मुखाकृति की आभा, सौंदर्य, बायीं आंख, तरल पदार्थ, मोती, मन, फेफड़ों तथा उत्तर और दक्षिण दिशाओं का कारक है।

🌳३. मंगल- छोटे भाई-बहन, साहस, पराक्रम, शारीरिक शक्ति, कलह, भूमि और संपत्ति, शस्त्रघात, पुलिस विभाग, इंजीनियरिंग, सैनिक, दुर्घटना, सशस्त्र बल, शत्रु, मुकदमा, खून, मज्जा, सर्जरी, क्रोध और दक्षिण दिशा का कारक है।

🌳४. बुध- बुद्धि, अत्यधिक पढऩे की आदत, वाणी, ज्योतिष, लेखन, प्रकाशन, गणित, बैंकिंग, अंकेक्षण, मामा, स्नायु तंत्र, त्वचा, हांस्य, तर्क शक्ति, गणित, त्वचा तथा उत्तर दिशा आदि का कारक है।

🌳५. बृहस्पति- संपत्ति, उच्च जीवन स्तर, संतान सुख, बड़ा भाई, ज्ञान, सतो गुण, परामर्श, धर्म, संस्कार, पेट, न्याय, उपदेश, भागय, आस्तिकता तथा उससे संबंधित विषय, प्रतिष्ठा, महत्त्व, वेद का ज्ञान, मोटापा, व्याख्यान, सिद्धांत, विधि विशेषज्ञ, स्त्री की जन्मकुंडली में पति, राजनीति कूटनीति, यकृत, पूर्व-उत्तर दिशा का कारक है।

🌳६. शुक्र- पत्नी, पति, काम, वाहन, कला, गायन, आभूषण, मूल्यवान रत्नों, विलासिता या विलासिता की सामग्रियों, सौंदर्य, मनोरंजन स्थलों, रसायनों आदि का कारक है। शुक्र से संबंधित व्यवसाय के क्षेत्र हैं फिल्म उद्योग, नृत्य, नाटक, वस्त्र या वस्त्र उद्योग, इत्र और सुगंधित द्रव्य, स्त्रियों से संबंधित वस्तु, संगीत, होटल आदि। यह गुप्तांगों, गुर्दा, दक्षिण-पूर्व दिशा आदि का भी द्योतक है।

🌳७. शनि- दीर्घायु, मृत्यु, कठोर परिश्रम, गूढ़ ज्ञान, भय, निर्धनता, श्रम, अपमान, सेवा, नौकर, पुरानी बीमारी, कू्रर कार्य आदि का कारक है। राजनीति में शनि नेता का द्योतक है। यह लोहा और इस्पात, काली वस्तु, पश्चिम दिशा आदि का द्योतक भी है।

🌳८. राहु- दादा, कटु बोली, जुआ, गूढ शास्त्र, विदेशीयों, भ्रम, विधवा, तीर्थस्थान, अत्यधिक पीड़ा झूठा, फरेब, परिवर्तन, विदेश यात्रा तथा दक्षिण-पश्चिम आदि का काकर है।

🌳९. केतु- नाना, गणितीय योगयता, अचानक दुर्घटना, विदेशी भाषा, प्रतिभा, चर्म, शत्रु प्रदत्त पीड़ा, सफेद दाग, मोक्ष, ज्ञान कम्पयूटर शिक्षा, वायुयान आदि का कारक है।

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