💢नवग्रह #मंत्र💢
💢🚩ऊँ ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु💢🚩
💢🚩 मंत्र का अर्थ 🚩💢
1⃣.- ग्रहों में प्रथम विश्व की रक्षा करने वाले भगवान सूर्य मेरी पीड़ा का हरण करें।🚩
2⃣. अमृतमय स्वरूप वाले, अमतरूपी शरीर वाले तथा अमृत का पान कराने वाले चंद्रदेव मेरी पीड़ा को दूर करें🚩
3⃣.- जगत् को भय प्रदान करने वाले, वृष्टि करने वाले तथा वृष्टि का हरण करने वाले मंगल मेरी पीड़ा का हरण करें। 🚩
4⃣.- महान द्युति से संपन्न, चन्द्रमा के पुत्र बुध मेरी पीड़ा का निवारण करें। 🚩
5⃣.- सर्वदा लोक कल्याण में निरत रहने वाले, देवताओं के गुरू बृहस्पति मेरी पीड़ा को दूर करें।🚩
6⃣.- दैत्यों के गुरू महान् बुद्धि संपन्न शुक्र मेरी पीड़ा को दूर करें।🚩
7⃣.- सूर्य विशाल नेत्रों वाले, भगवान् शिव के प्रिय प्रसन्नात्मा शनि देव मेरी पीड़ा को दूर करें।🚩
8⃣.- विविध रूप तथा वर्ण वाले, हजारों आंखों वाले, तमोमय राहु मेरी पीड़ा का हरण करें।🚩
9⃣.- नाड़ी से संपन्न, विशाल मुख और बिना शरीर वाले केतु मेरी पीड़ा का हरण करें। 🚩
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