चंद्रराशी श्रेष्ठ या लग्नराशी ??
(स्वयं-अभ्यास)
चंद्र राशि में हृदय अंग है. इसमें मन की गुप्त इच्छाएँ समाहित होती हैं. वे प्रकट होंगी या नहीं यह उस चंद्र राशि पर निर्भर करता है. यदि इच्छाएँ मन में ही रहती हैं और व्यक्त नहीं की जाती हैं, तो वे अपूर्ण रह सकती हैं. क्योंकि कभी-कभी मन स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पाता. लेकिन, अगर मस्तिष्क मजबूत है, तो जातक स्वतंत्र निर्णय लेनेवाला होता है. nr
लग्न राशि में मस्तिष्क अंग होता है. मस्तिष्क निर्णय लेनेवाला होता है. मन की गुप्त या प्रकट इच्छाओं के बारे में सोच-समझकर मस्तिष्क यह तय कर सकता है कि उक्त कार्य करना उचित है या नहीं. किसी समय पर, मस्तिष्क (लग्नराशी) तय कर सकता है कि उक्त इच्छा को पूरा करने में कोई कठिनाई है या नहीं, या वह आसान है या नहीं. nr
अक्सर, मन आवेगी होता है, लेकिन मस्तिष्क अनुकूल परिस्थितियों का अनुमान लगाता है और सोच-समझकर निर्णय लेता है. nr
यानी यह हमेशा मस्तिष्क ही नहीं करता. कभी-कभी मन से बिना सोचे-समझे कोई फैसला जल्दबाजी में लिया जा सकता है; तो कभी-कभी परिणाम अनुकूल भी मिलते हैं. nr
मन कहता है, जो भी होगा वह देखा जायेगा.
मस्तिष्क कहता है, यह संभव नहीं, परिणाम क्या होंगे, लोग क्या कहेंगे, दुनिया क्या कहेगी? यह हमारे बस की बात नहीं है.
इस समय मन और मस्तिष्क में से जो बलवान होगा उसी का प्रभाव रहेगा.
इसलिए जन्म कुण्डली में चंद्रराशी बलवान है या लग्नराशी बलवान है, यह देखने के लिए ज्योतिष का ज्ञान, अध्ययन और पर्याप्त अनुभव होना बहुत ही आवश्यक होना चाहिए. nr
नार्वेकर गुरुजी – 8999558166