कुण्डलनी के सात चक्र का ग्रहों से सम्बंध जिनसे प्रभावित

मानव शरीर उसमे विद्यमान कुण्डलनी के सात चक्र का ग्रहों से सम्बंध जिनसे प्रभावित होता है हमारा सम्पूर्ण जीवन-:

प्रथम-:मूलाधार चक्र (मंगल,राहु) रंग(लाल) तत्व(पृथ्वी) देवता (श्री गणेश)
यदि यह चक्र खराब है तो आलास खराब स्वास्थ्य,B.P,क्रोध,कर्ज,सोच गलत काम मे लगेगी,खराब खान-पान ओर खराब सोच के कारण यह चक्र खराब होता है
🚩सुबह जमीन पर कुछ देर के लिए नंगे पांव चले,खानपान सही रखने से यह चक्र बेलेंस रहेगा।

द्वित्य चक्र-:स्वाधिष्ठान चक्र-: (चन्द्रमा,शुक्र) रंग (संतरी) तत्व(जल) देवता (ब्रह्मा,सावित्री)
इस चक्र के खराब प्रभाव से मनुष्य की saxtual life पे दुषप्रभाव,वीर्य दुर्बलता, मन का उदासीन रहना,भृम में रहना,ठंडे गर्म का एहसास न होना,नशे की आदत।
🚩व्यसन का त्याग,जीवन मे कोई criativity जैसे पेंटिंग,गायन,नृत्य,या कोई भी अच्छा शोंक अपने अंदर बना कर रखने से यह चक्र बेलेंस रहेगा।

तृतीय चक्र-:मणिपुर चक्र (सूर्य,गुरु) तत्व(अग्नि) रंग(पीला) देवता (विष्णु,लक्ष्मी) यह चक्र खराब है तो आत्मसम्मान की कमी,पेट की समस्या, समाज मे सम्मान की कमी,हड्डियों में दर्द,ज्ञान की कमी,धन की कमी,कर्ज की अधिकता,रहेगी।
🚩सुबह सूर्योदय से पहले उठने योग,व्यायाम करने से यह चक्र सब प्रभावी रहता है ओर जीवन के सभी भौतिक सुख प्रदान करता है।

चतुर्थ चक्र -:अनाहत चक्र (बुध ग्रह) तत्व(वायु) रंग(हरा) देवता (शिव,पार्वती)
यदी यह चक्र खराब है तो रिश्तों में खराबी,छोटी छोटी बातों को दिल से लगाना,त्वचा रोग,फेफड़ो की समस्या,गलतफहमियों का शिकार जैसी परेशानियां पैदा होती हैं।
🚩किसी के प्रति गलत भाव न रखे,किसी अन्य से कभी उम्मीद न रखे,बहुत जल्दी किसी पर भी अनजान पे विश्वास न करे ओर योग करने से यह चक्र बेलेंस रहता है।

पंचम चक्र-:विशुद्ध चक्र (शुक्र,बुध ग्रह) तत्व (आकाश) रंग(आसमानी) देवता(आदि शक्ति) यदि यह चक्र खराब है इंसान सामने वाले को अपनी बात के लिए convence नही कर पाता चाह कर भी रिश्तों में मधुरता स्थापित नही हो पाती,झूठ बोलने की आदत बन जाती है यह चक्र अधिक झूठ बोलने से खराब होता है पर जिनका यह चक्र सही हो उनका संगीत गायन में महारत, सम्बधों में मधुरता दुसरो को अपनी बात से आकर्षित करने की कला अच्छी होती है।
🚩झूठ बोलने की आदत मत बनाए,भ्रामरी आसन करने से यह चक्र belence रहता है।

षष्ट चक्र-:आज्ञा चक्र-:(शनि ग्रह) यदि यह चक्र खराब है तो नींद का न आना,अकेले अंधेरे में रहने का मन,किसी जगह मन न टिकना,सनकीपन रहेगा,,
पर अगर यह चक्र सही है तो नई शक्तियों,ज्ञान की ओर ध्यान जाना,अध्यात्म में रुचि होना,गहरे शोध गहरी जानकारी एकत्रित करने का मन रहेगा ओर उसकी छठी इंद्री(sixth sence sharp)मिलेगी
🚩गुरु ,इष्ट अथवा उनके द्वारा दिये गए मन्त्र पे ध्यान लगाने से यह चक्र बेलेंस रहता है।

सातवां चक्र-:स्त्रार्थ चक्र (केतु ग्रह) यह चक्र एक विराम चक्र है कोई भी इस चक्र तक नही पहुंच पाता इस लिए यह चक्र अधिकतर लोगों का ठीक ही मिलता है,, यह चक्र किसी इंसान का तभी खराब होता है जब किसी इंसान ने माँ बाप गुरु अथवा किसी अन्य को बहुत प्रताड़ित किया हो और बहुत बद्दुआए जीवन मे ली हो ऐसे इंसान की पहचान कैसे की जाती है ये बताने की जरूरत नही हर इंसान को पता है ऐसा इंसान का जीना अथवा म्रत होना एक समान होता है।
🚩माँ-बाप,गुरु का सम्मान किसी भी कमजोर को कभी प्रताड़ित न करे यह चक्र हमेशा आपकी अदृश्य रूप से मुसीबत में रक्षा करता रहेगा ताह उम्र।

तभी कहता हूं हमारी जिंदगी की परेशानिया कोई भी मुल्ला,मौलवी,धागा ताबीज़,ज्योतिष,ब्राह्मण यँहा तक कि ईश्वर भी ठीक नही कर सकता जब तक हम खुद अपनी मदद न करें,आदतें बदलने से सोच बदलती है और सोच बदलने से जीवन🙏

अपनी इस पोस्ट को यंही विराम देता हूँ।
अगली पोस्ट नवरात्रे चल रहे हैं पूर्ण होने पर दस महाविद्या व उनसे सम्बंधित ग्रहों की अपनी सामर्थ्यानुसार जानकारी पोस्ट करूँगा उम्मीद है आपको यह पोस्ट से कुछ सीखने को मिले,

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